Writing
फतेहपुर। बकेवर थाना क्षेत्र से जुड़े विजय निषाद हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार मृतक विजय निषाद का एक विवाहित महिला से प्रेम-प्रसंग था, लेकिन समय के साथ दोनों के संबंधों में तनाव बढ़ने लगा। आरोप है कि विजय महिला पर लगातार बातचीत करने का दबाव बनाता था और उसके फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देता था। इसी ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव से परेशान होकर महिला ने अपने पति के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस जांच में सामने आया कि योजनाबद्ध तरीके से विजय निषाद को बुलाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने और साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से आरी और ग्राइंडर का इस्तेमाल कर शव के कई टुकड़े कर दिए। इसके बाद शव के कटे हुए हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी कामता निषाद ने हत्या से पहले गूगल और यूट्यूब पर अपराध, कानून और सजा से जुड़ी कई जानकारियां खोजी थीं। उसने हत्या की धाराओं, संभावित सजा, जेल व्यवस्था और फांसी की प्रक्रिया से संबंधित विषयों पर विस्तार से जानकारी जुटाई थी। आरोपी ने इंटरनेट पर “फांसी से पहले काला कपड़ा क्यों पहनाते हैं”, “जेल कैसी होती है” और “क्या हत्या के मामले में फांसी की सजा हो सकती है” जैसे सवाल भी सर्च किए थे।
फतेहपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
