फतेहपुर में थाना प्रभारियों की नियुक्तियों पर सियासी चर्चा
👉जातीय संतुलन को लेकर उठे सवाल
फतेहपुर।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार मुख्यमंत्री पर पुलिस और प्रशासनिक विभागों में नियुक्तियों को लेकर जातीय पक्षपात के आरोप लगाते रहे हैं।उनका कहना रहा है कि जिलों और थानों में तैनाती जातीय आधार पर की जा रही है।इस मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति में समय-समय पर बहस भी होती रही है।
फतेहपुर जनपद में थाना प्रभारियों और थानाध्यक्षों की वर्तमान तैनातियों को लेकर स्थानीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है।जिले में कुल 21थानों के माध्यम से कानून-व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है।स्थानीय चर्चाओं के अनुसार वर्तमान में इन 21थानों में से केवल 02 थानों पर मुख्यमंत्री की जाति से संबंधित अधिकारियों की तैनाती है।वैसे योगी की कोई जाति नहीं होती।बताया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान इस वर्ग के 05 से 06पुलिस अधिकारियों की थाना प्रभारियों के रूप में तैनाती रहती थी।ऐसे में मौजूदा समय में केवल 02अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
सूत्रों के अनुसार केवल पुलिस विभाग ही नहीं बल्कि अन्य प्रशासनिक विभागों में भी नियुक्तियों के स्वरूप को लेकर चर्चा हो रही है।कुछ लोगों का कहना है कि एक वर्ग के अधिकारियों को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नियुक्तियों को लेकर उठ रहीं इन चर्चाओं को जल्द ही प्रदेश स्तर तक उठाया जा सकता है।फिलहाल इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
