सवाल तो पूछेंगे❓
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फतेहपुर। कानपुर-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों में है। यहां कार्यरत कर्मचारियों पर वाहन चालकों से अभद्र व्यवहार, जबरन नगद वसूली और गुंडागर्दी करने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि गाड़ियों में फास्टैग लगे होने के बावजूद यदि कैमरे से स्कैन नहीं हो पाता, तो कर्मचारियों द्वारा “फास्टैग रीडर मशीन” न होने की बात कहकर जबरन नगद शुल्क वसूला जाता है।
आरोप है कि विरोध करने पर कर्मचारियों द्वारा अशब्दों का प्रयोग किया जाता है और कई बार मामला मारपीट तक पहुंच जाता है। कुछ घटनाओं में थाना प्रभारी के हस्तक्षेप के बाद विवाद शांत कराया गया। बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा पर आए दिन वाहन चालकों और कर्मचारियों के बीच कहासुनी और झगड़े की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा पर कार्यरत कर्मचारी समूह बनाकर वाहन चालकों पर दबाव बनाते हैं। यदि कोई चालक फास्टैग स्कैनर या रीडर मशीन से टैग स्कैन करने की मांग करता है, तो मशीन उपलब्ध न होने की बात कहकर नगद भुगतान के लिए मजबूर किया जाता है। इसी को लेकर अक्सर विवाद खड़े हो जाते हैं।
टोल प्लाजा की कार्यप्रणाली से नाराज लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करने का मन बनाया है। साथ ही प्रभारी मंत्री और जिले के विधायकों को भी टोल प्लाजा में हो रही कथित मनमानी और अव्यवस्थाओं से अवगत कराने की बात कही जा रही है।
सवाल तो राष्ट्रीय मार्ग के अधिकारियों से पूछा जाना चाहिए कि जब प्रत्येक टोल प्लाजा में “फास्ट ट्रैक स्कैनर” मजबूत है तो फिर यहां न होने की बात कह कर नगद पैसा क्यों वसूला जा रहा है और वाहन चालक व वाहन स्वामियों के साथ बदतमीजी क्यों की जा रही है। टोल प्लाजा के कर्मचारियों द्वारा की जा रही गुंडागर्दी से सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
✍️ “नागेंद्र सिंह” अध्यक्ष फतेहपुर प्रेस क्लब
