_भारतीय तिरंगे में बना अशोक चक्र मौर्य वंश की देन है_
फतेहपुर(वीटी)। हसवा विकास खंड की ग्राम पंचायत रिठवां में सम्राट अशोक महान की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। आचार्य राजा राजकुमार मौर्य के सौजन्य से आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने सम्राट अशोक के मानवतावादी दृष्टिकोण, उनके आदर्शों और समाज के लिए किए गए ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।पूर्व विधायक तिंदवारी बृजेश प्रजापति ने कहा कि भारत का संविधान सम्राट अशोक के आदर्शों से प्रेरित है। भारतीय तिरंगे में बना अशोक चक्र मौर्य वंश की देन है और राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ अमूल्य धरोहर है जिसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने संविधान की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक रहने का आह्वान किया। संविधान रक्षा सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज मानव ने सम्राट अशोक के विशाल साम्राज्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका शासन अफगानिस्तान से लेकर बांग्लादेश और कश्मीर से कर्नाटक तक फैला हुआ था। उन्होंने समाज को एकजुट होकर अपने गौरवशाली इतिहास को पुनः स्थापित करने की प्रेरणा दी।भाजपा महामंत्री सुशीला मौर्य ने सम्राट अशोक की करुणा और लोककल्याणकारी नीतियों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने मनुष्यों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी चिकित्सालयों की स्थापना कराई थी। उन्होंने समाज में शांति, सद्भाव और बंधुत्व बनाए रखने का संदेश दिया। वहीं बहुजन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवा रावत ने सम्राट अशोक के शासनकाल को समता, समानता और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए कहा कि इन मूल्यों को आज भी अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षित होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। मौर्य उत्थान समिति अध्यक्ष विजय बहादुर मौर्य ने समिति द्वारा बच्चों के लिए बनाए गए छात्रावास की जानकारी दी और अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। इस अवसर पर शिव नरेश मौर्य, अजय सिंह मौर्य, फूल सिंह मौर्य, शिवधेश मौर्य एडवोकेट, सुशील मौर्य, अनिल मौर्य, सुमित मौर्य, अखिलेश मौर्य, जयकरन मौर्य, अजीत मौर्य, प्रदीप मौर्य, जीवन पाल पासवान, दशरथ लाल मौर्य, बाबू मौर्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता राजकुमार मौर्य ने की।समारोह के अंत में सम्राट अशोक के आदर्शों पर चलने और समाज में एकता व सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
