-पूर्व सैनिकों की बैठक में साइबर सेल के अधिकारियों ने किया जागरूक_
फतेहपुर(वी.टी)। पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति की मासिक बैठक ईएस टावर की एज कोचिंग सेंटर में कैप्टन उदय भान सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। साइबर क्राइम सब इंस्पेक्टर श्री उपाध्याय ने बताया कि सबसे साधारण तरीका साइबर अपराधी लालच देकर या पुलिस अधिकारी बनकर धमका कर धोखाधड़ी करते हैं ।यह या तो कॉल के या फोन के द्वारा होता है या किसी परिचित व्यक्ति का मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करके किया जाता है।आज की तारीख में कम से कम 200 तरीके आ चुके हैं जिनसे बचना बहुत कठिन है। साइबर एक्सपर्ट आशीष मिश्रा ने बताया की सर्वप्रथम यह जामताड़ा झारखंड से शुरू हुआ था जो पूरे देश में फैल गया। आजकल तो ओटीपी की भी जरूरत नहीं पड़ती और आपका अकाउंट खाली हो जाता है । इसलिए अगर कोई शादी का कार्ड पीडीएफ में आता है तो जब तक फोन से संतुष्ट न हो जाए उसको ना खोलें। इंस्पेक्टर रणधीर सिंह ने बताया की सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप एक सस्ता मोबाइल ले लें तथा उसको घर में रखें तथा वही नंबर बैंक खातों में दर्ज करा दे। जब आवश्यकता हो तभी नेट को चालू करें यदि आपको लगता है कि आपने किसी भी लिंक को छू लिया है तो तुरंत मोबाइल को फ्लाइट मोड में डाल दें और नजदीक के साइबर थाने में पहुंचकर मोबाइल की जांच करवा ले जिससे कि वह आपका पैसा ना निकाल सके।इसके अलावा कभी भी किसी भी विभाग का टोल फ्री नंबर गूगल से या यूट्यूब से सर्च ना करें क्योंकि साइबर अपराधियों ने वहां पर भी अपना नंबर डाल दिया है । विभाग से ही जांच नंबर प्राप्त करें। व्हाट्सएप फेसबुक इंस्टाग्राम पर टू स्टेप वेरीफिकेशन लगा कर रखें ।अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी ने सैनिकों को बताया की अब पूर्व सैनिकों की जिनकी उम्र 70 वर्ष से ऊपर हो गई है उनको एमपैनल्ड हॉस्पिटल में इलाज कराने के लिए रेफरल फॉर्म की आवश्यकता नहीं होगी । वह सीधे जाकर अपना इलाज करवा सकते हैं। इस अवसर पर जागृति तिवारी,विमला सिंह, सुनीता देवी,राजेंद्र कुमार,सुरेंद्र पाल सिंह,अजय कुमार,प्यारेलाल , राजकुमार तिवारी,अनिरुद्ध सिंह चंद्रपाल सिंह,हीरालालआदि उपस्थित रहे।
