अखिलेश के आरोपों पर धुन्नी सिंह का पलटवार, मानहानि नोटिस की चेतावनी

हल्की बात कर रहे अखिलेश,छवि धूमिल करने के लिए करेंगे मानहानि-धुन्नी सिंह
-चाय दुकानदार के साथ मारपीट का मामला गरमाया,सपा मुखिया के बयान के बाद पूर्व मंत्री का पलटवार
-कहा मारपीट करने वालों का नाम न लेने के पीछे भी राजनीति वे पीडीए के लोग
फतेहपुर(वी.टी)। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहा के समीप चाय दुकानदार के साथ हुई मारपीट के बाद अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ में पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह का शराब, कछुआ तस्करी और मौरंग खनन में नाम लेने पर पूर्व मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि एक पार्टी के मुखिया को इतनी हल्की बात नहीं करनी चाहिए।अगर इन कारोबारों का वह एक भी प्रमाण दे दें तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।उन्होंने कहा की जिस चाय दुकानदार के साथ मारपीट की बात सामने आ रही है उसके साथ मारपीट करने वालों का नाम उनको लेना चाहिए।नाम इसलिए नहीं लिया क्योंकि वह मुस्लिम हैं।उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक छवि को धब्बा लगाने का काम किया गया है और इसके लिए वह सपा मुखिया को मानहानि की नोटिस देंगे।
उन्होंने कहा कि चौकी चौराहे के चाय वाले की लड़ाई जगजीत,कयूम,जावेद से चाय के पैसे के लेन-देन को लेकर हुई है लेकिन उसमें कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। चाय दुकानदार आर्यन ने कहीं भी उनका नाम नहीं लिया।दुकान में खाद्य विभाग के सैंपलिंग करने के मामले में उन्होंने कहा कि किसी अहमद हसन ने आईजीआरएस में शिकायत की थी इसके चलते चाय का नमूना लेने के लिए टीम गई थी जो उनका काम है।इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मेरा नाम लिया है।उन्होंने कहा कि हकीकत में अगर माफियागिरी,शराब तस्करी एवं मौरंग का अवैध कारोबार को देखना है तो उन्हें अपनी सरकार में देखना चाहिए।गायत्री प्रजापति और पोंटी चड्ढा से ज्यादा बड़ा उदाहरण कोई नहीं है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मेरे सभी करीबी हैं लेकिन इतने बड़े नेता को बिना प्रमाण के अवैध कारोबार का आरोप नहीं लगाना चाहिए।इसकी वह निंदा करते हैं।अखिलेश यादव द्वारा दुकान को सीज करने की भी बात कही गई है या तो उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई या फिर उन्होंने जान बूझकर ऐसा कहा है।हकीकत में दुकान आज भी चल रही है।उन्होंने कहा कि मारपीट करने वाले लोग पीडीए के हैं इसीलिए उन्होंने उनका नाम नहीं लिया।जाति,धर्म की राजनीति वह इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनकी जमीन खिसक चुकी है।इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव,उपाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी,संतोष गुप्त भी मौजूद रहे।

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