चाय की ‘टपरी’ के ‘विवाद’ में ‘सियासी’ रंग,’धुन्नी सिंह’ का’अखिलेश’ पर ‘पलटवार’
*आपसी विवाद को कौन दे रहा सियासी तूल!
*दुकानदार आर्यन यादव ने कभी भी पूर्व मंत्री या उनके समर्थकों का नहीं लिया नाम!
*चर्चा पिटने वाला दुकानदार और पीटने वाले पीडीए के इसीलिए पूर्व मुख्यमंत्री ने नाम का नहीं किया खुलासा!
*दुकानदार की पिटाई के बाद हिंदू संगठनों के पदाधिकारी ले गए थाने,सपा नहीं आयी नजर!
*पूर्व मुख्यमंत्री के तस्कर और माफिया के बयान से खफा पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह!
*कहा सबूत दें अखिलेश यादव नहीं तो करेंगे मानहानि का मुकदमा!
*कहीं धुन्नी सिंह की शान,शोहरत और सियासी बढ़ते कद ने तो सपा में नहीं पैदा कर दी बेचैनी!
*सपा के राजनीतिक लाभ लेने की मंशा की भी चर्चा,सत्ता से जुड़े कुछ गुटबाज नेता भी हो सकते हैं खेल के पीछे!
फतेहपुर (वी.टी)। चौकी चौराहे की चाय की दुकान पर दुकानदार से मारपीट का मामला सियासी गलियारों तक पहुंच गया है।* चाय की टपरी वाला नेम,फेम के फेर में फंस हर कुछ वह कर रहा है जो मीडिया को मसाले के रूप में चाहिए। *अखिलेश से उसकी मुलाकात करना भी सियासत का ही नतीजा है।* अखिलेश का बयान राजनीति के मौसम में गर्माहट पैदा करने वाला रहा तो अब उस पर *भाजपा नेता पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने भी पलटवार कर सपा मुखिया से सवाल किया है कि उन्हें मारपीट करने वालों का नाम लेना चाहिए।जिस कछुआ,शराब तस्करी एवं मौरंग खनन के कारोबार का वह जिक्र कर रहे हैं उसका प्रमाण दे नहीं तो वह मानहानि का मुकदमा करेंगे।* गत 2 महीना पहले फतेहपुर जनपद दौरे पर आए सपा मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व विधायक मोहम्मद सफीर के यहां जाते समय *चौकी चौराहे पर जिस चाय की टपरी पर चाय पी अब सपा चाय वाले के आपसी झगड़े,मारपीट की घटना को इतने दिनों बाद सियासी रंग देने में लगी है।* आईजीआरएस की अहमद हसन की शिकायत पर चाय का नमूना भरने गए खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के जाने को भी दुकानदार *सियासी रंगों में ऐसा घोलने में मशगूल हो गया कि चौकी चौराहे से लखनऊ में अखिलेश यादव से मुलाकात का सफर उसने कब तय कर लिया उसे खुद भी मालूम नहीं चला।* एक ऐसी घटना जिसमें हिंदू संगठनों के लोगों ने ही मारपीट करने वाले जगजीत,कयूम और जावेद के खिलाफ थाने जाकर *चाय वाले की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया लेकिन घटना मामूली आपसी विवाद से हटकर कब सपा के पाले में चली गई इसका भान जिले के लोगों को तब हुआ जब अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह को इस घटनाक्रम के पीछे का मोहरा बताया।*
चाय वाले के साथ लखनऊ में मीडिया से रूबरू पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें कछुआ,शराब तस्कर के साथ-साथ मौरंग कारोबारी तक बता डाला जबकि घटनाक्रम से लेकर अब तक चाय वाले ने उनका नाम तक नहीं लिया।चाय वाले का परिवार अपनी किसी भी मुसीबत पर आज भी उन्हें ही याद करता है। *इस पूरे सियासी खेल में बड़ा खेल खेलने की कोशिश कौन कर रहा है?समाजवादी पार्टी के कुछ लोग या फिर गुटबाज भारतीय जनता पार्टी के ऐसे लोग जो पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह की शान,शोहरत और सियासी कद को पचा नहीं पा रहे।* पूर्व मंत्री 2022 का विधानसभा चुनाव हार जरूर गए लेकिन *उनका अपना एक बड़ा वोट बैंक है।लोगों की समस्याओं के निराकरण को लेकर आज भी उनका दरबार लगता है जहां दल,जाति,धर्म के बंधनों से परे लोग न्याय की आस में पहुंचते हैं।*
सवाल यह भी है कि सपा मुखिया को आधी अधूरी जानकारी देने वाले कौन लोग हैं?यह तो पता नहीं लेकिन *इतना सच जरूर है कि जिसने भी टपरी वाले के विवाद को अखिलेश यादव तक पहुंचाया उसने या तो आधी अधूरी जानकारी दी या फिर अखिलेश भी राजनीतिक लाभ की लालसा में जानकर भी अंजान बने रहे।* चाय की दुकान आज भी चल रही है उसे सीज नहीं किया गया जबकि सपा मुखिया ने दुकान को सीज करने की बात कही है। *एक ऐसा राजनीतिक दल जो केंद्र व प्रदेश की सत्ता के इर्द-गिर्द लंबे समय से चला आ रहा है।उसके मुखिया द्वारा किसी के बताने पर इतने बड़े आरोप लगाने के पीछे की उनकी मंशा क्या है?ये तो वही जाने लेकिन सियासी माहौल इस तरह से गर्म हो गया है कि अब पूर्व मंत्री धुन्नी सिंह ने भी पलटवार किया है।* उन्होंने कहा है कि अखिलेश के बयान कि वह निंदा करते हैं।इतने बड़े पद पर होने के बावजूद अगर वह ऐसी बात कर रहे हैं तो निश्चित रूप से *वह किसी को खुश कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश में है।उन्हें बताना चाहिए कि मारपीट करने वाले कौन लोग थे? *मामूली विवाद को इतना बड़ा तूल देने के पीछे की मंशा साफ है कि ‘2027’ में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ही समाजवादी पार्टी की जमीन खिसक गई है और इसी के चलते जाति,धर्म की ओछी राजनीति करने में वह उतर आए हैं।* उन्होंने यह भी कहा है कि जो आरोप उन पर लगाए गए हैं उसका सपा मुखिया प्रमाण दें नहीं तो वह मानहानि का मुकदमा करेंगे। *चाय दुकानदार आर्यन यादव के साथ लेन-देन के हुए विवाद में मारपीट अब सियासी गलियारों तक पहुंच चुकी है।समाजवादी पार्टी जिस आर्यन के सहारे सियासत को गर्माना चाह रही है उसकी सच्चाई की परत खुल रही हैं तो खुद सपा अपने में ही घिरती नजर आ रही है।*
