फतेहपुर (वंदना टाईम्स)। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 448 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- सरस्वती मां ,आइए, हम पथ रहे निहार।मां, विद्या का दान दो , रहे राष्ट्र से प्यार।
कार्यक्रम को गति देते हुए पढ़ा कि अंगदान सा है नहीं ,कोई पुण्य महान । औरों को जीवन मिले,हो जग में यश गान। डा. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा कि जन-जन के मानस में बैठे, मोदी -योगी। उनका काम दिखाई पड़ता, जन उपयोगी। प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये वेद पुराण शास्त्र सब कहते, हर हरते हर पाप हैं। जग ने जिसको नहीं दिया, शिव, उसके दाता आप हैं। डॉ. शिव सागर साहू ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – करती है संकेत जब , ओठों की मुस्कान। खिल उठते हैं दो हृदय, करते नयन बखान। काव्य गोष्ठी के आयोजक तथा संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने शिवजी पर एक मुक्तक के माध्यम से अपने भाव कुछ इस प्रकार व्यक्त किये – महादेव जैसा नहीं, दूजा देव महान। जो औरों को दे अमृत, खुद कर ले विषपान। पुनः पढ़ा – बुझने वाले से महान है, दीपक जलने वाला। उठा क्रांति का शंख फूंकता, जो जागृति की ज्वाला।
