शराब ठेके पर गोलीकांड में दो इनामी आरोपी गिरफ्तार

शराब ठेके पर गोलीकांड में दो आरोपी गिरफ्तार
25-25 हजार के इनामी मनु और अमन को लखनऊ से दबोचा, वारदात में प्रयुक्त कार बरामद

फतेहपुर (वंदना टाईम्स)। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के असनी गांव में 29 अगस्त की रात देशी शराब के ठेके के सामने हुए गोलीकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों मनु और अमन को लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। दोनों पर पुलिस अधीक्षक की ओर से 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक फतेहपुर ज्ञान प्रकाश राय के मुताबिक, 29 अगस्त की रात करीब 10:15 बजे असनी गांव निवासी मनीष, उनका बेटा वैभव, नीरज और सागर शराब ठेके पर मौजूद थे। इसी दौरान ठेके के सेल्समैन गोवर्धन के पुत्रों से उनका विवाद हो गया। सूचना मिलने पर अनुज्ञापी के परिवार के सदस्य अमन, इंद्रेश विक्रम सिंह और मनु मौके पर पहुंचे। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद मनु ने रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी। गोली मनीष के सीने में लगी। उपचार के लिए ले जाते समय उनकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के संबंध में हुसैनगंज थाने में अपराध संख्या 216/2026 दर्ज किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मनु और अमन के साथ घटना में प्रयुक्त रिवॉल्वर के संबंध में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।जमीन के विवाद से जुड़ा था मामला पुलिस के मुताबिक, असनी गांव में अश्विनी कुमार शिक्षा आश्रम नाम से एक ट्रस्ट की करीब 45 से 50 बीघा जमीन अलग-अलग स्थानों पर है। ट्रस्ट की जमीन पर मंदिर निर्माण और बाद में ग्रामीणों द्वारा आरओ प्लांट लगाए जाने को लेकर ट्रस्ट सदस्यों और ग्रामीणों के बीच विवाद चल रहा था। आरओ प्लांट के लिए बोरिंग कराए जाने का ट्रस्ट सदस्यों ने विरोध किया था, जिसके बाद काम रोक दिया गया था। पुलिस जांच में इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद की बात सामने आई है।
रिवॉल्वर दूसरे लोगों को देने का आरोप
एएसपी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि घटना के बाद रिवॉल्वर पंकज पांडेय नाम के व्यक्ति को दी गई थी और बाद में उसने यह रिवॉल्वर आशुतोष तिवारी को दे दी। रिवॉल्वर का लाइसेंस आरोपी की मां संगीता के नाम पर बताया गया है। इसके अलावा आरोपियों के मामा के बेटे चेतन का नाम भी जांच में सामने आया है, जिस पर आरोपियों को भागने में मदद और उन्हें आश्रय देने की बात कही गई है। पुलिस इन आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। मामले में सामने आए सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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