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👉इकलौते चिराग की मौत ने फतेहपुर को झकझोरा, आखिर तेजस का कसूर क्या था?
फतेहपुर(वंदना टाइम्स)। कुछ घटनाएं केवल एक परिवार की खुशियां नहीं छीनतीं, बल्कि पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर देती हैं। फतेहपुर में कक्षा 12 के छात्र तेजस द्विवेदी की मौत ऐसी ही एक दर्दनाक घटना बनकर सामने आई है। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया। एक ओर परिवार अपने इकलौते बेटे को खोने के गम में डूबा है, तो दूसरी ओर छात्र के साथ की गई सख्ती को लेकर लोगों में आक्रोश है।
शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र का रहने वाला तेजस द्विवेदी सरस्वती बाल विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र था। परिवार की आंखों का तारा और उम्मीदों का इकलौता चिराग। माता-पिता ने जिस बेटे के भविष्य के सपने संजोए थे, वह आज उनके बीच नहीं है। घर में जहां कभी उसकी आवाज गूंजती थी, वहां अब मातम पसरा है।
बताया जा रहा है कि विद्यालय में आयोजित त्रैमासिक परीक्षा के दौरान तेजस की जेब से कथित रूप से एक पर्ची मिलने के बाद विद्यालय प्रशासन ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। परिजनों का आरोप है कि छात्र के साथ सख्ती की गई और उसके साथ मारपीट भी की गई। आरोप यह भी है कि उसे रिस्टीकेट करने के साथ दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए 1500 रुपये की मांग की गई।
इन आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक छात्र के भविष्य और अनुशासन के नाम पर उसके साथ कितना कठोर व्यवहार किया जाना चाहिए?
घटना के बाद तेजस अचेत अवस्था में सौरा गांव के पास मिला। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए कानपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिवार के लिए यह वह पल था, जिसकी कल्पना किसी माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।
जिस बेटे को सुबह स्कूल भेजते समय परिवार ने यह सोचकर विदा किया होगा कि वह पढ़-लिखकर अपना और परिवार का भविष्य संवारेगा, वही बेटा वापस निर्जीव लौटा। एक मां-बाप के लिए इससे बड़ा दुख और क्या हो सकता है?
तेजस परिवार का इकलौता बेटा था। उसके जाने से सिर्फ एक जान नहीं गई, बल्कि एक परिवार के भविष्य के सपने भी बिखर गए। अब घर में उसके कपड़े, उसकी किताबें और उसकी यादें तो हैं, लेकिन वह खुद नहीं है।
घटना को लेकर लोगों में आक्रोश है। समाजसेवियों द्वारा जिलाधिकारी से मिलकर छात्र के साथ कथित रूप से हुई क्रूरता की शिकायत करने और विद्यालय प्रशासन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आ रही है। संतोष द्विवेदी ने इस घटना पर दुख जताते हुए जिलाधिकारी से विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
हालांकि, पूरे मामले में आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। यदि छात्र के साथ नियमों से परे जाकर मारपीट या अमानवीय व्यवहार किया गया है तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि अनुशासन के नाम पर किसी बच्चे की जिंदगी से खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं दिया जा सकता।
तेजस अब लौटकर नहीं आएगा। उसके माता-पिता की सूनी आंखों का दर्द भी शायद कभी पूरी तरह कम नहीं होगा।
आज फतेहपुर के सामने सिर्फ तेजस की मौत का सवाल नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा है कि हम अपने बच्चों को शिक्षा के मंदिर में सुरक्षित माहौल दे पा रहे हैं या नहीं?
एक इकलौते चिराग के बुझने का दर्द शायद वही परिवार समझ सकता है, जिसने उसे खोया है। लेकिन अगर इस घटना से व्यवस्था सबक ले और भविष्य में किसी दूसरे परिवार का चिराग बुझने से बच जाए, तभी तेजस की मौत व्यर्थ नहीं जाएगी।।।
✍️ नागेंद्र सिंह अध्यक्ष फतेहपुर प्रेस क्लब
