तीन तिगाड़ा’ का खेल! एएनएम–आशा बहू–निजी नर्सिंग होम के कथित गठजोड़ से सरकारी मातृत्व योजनाओं पर सवाल

सवाल तो पूछेंगे❓

👉’तीन तिगाड़ा’ का खेल! एएनएम–आशा बहू–प्राइवेट नर्सिंग होम गठजोड़ से सरकारी योजनाओं पर असर।।
👉प्रसूता महिलाओं को सरकारी अस्पतालों से रेफर कर निजी नर्सिंग होम भेजने के आरोप, स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल!!

फतेहपुर(वंदना टाईम्स)। लोक कहावत है, “तीन तिगाड़ा, काम बिगाड़ा”। लेकिन जिले में यह तिगड़ी काम नहीं बिगाड़ रही बल्कि आपस में गांठ जोड़कर अवैध धन कमा रही है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ऐसी ही चर्चा आम है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधीन कार्यरत कुछ एएनएम, आशा बहू और निजी नर्सिंग होम के बीच कथित गठजोड़ के चलते सरकार की जनहितकारी मातृत्व योजनाओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस व्यवस्था के कारण कई गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों का लाभ नहीं मिल पा रहा और उन्हें निजी नर्सिंग होम में प्रसव के लिए भेजा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जब गर्भवती महिलाएं आशा बहू के माध्यम से जिला अस्पताल या सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचती हैं, तो कुछ मामलों में उन्हें विभिन्न कारण बताते हुए या स्थिति गंभीर होने की बात कहकर रेफर कर दिया जाता है। इसके बाद पहले से तय निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया जाता है। इस पूरे घटनाक्रम में कुछ एएनएम की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
चर्चा यह भी है कि जिला अस्पताल में वर्षों से तैनात एक एएनएम का नाम इस तरह के मामलों में लगातार सामने आता रहा है। बताया जाता है कि उनका स्थानांतरण मेडिकल कॉलेज किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें पुनः जिला अस्पताल भेज दिया गया। आरोप है कि अब भी उनका कार्य करने का तरीका सवालों के घेरे में है।
गौरतलब है कि केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार प्रसव को बढ़ावा देने तथा गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके बावजूद यदि सरकारी व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की मिलीभगत से महिलाओं को निजी संस्थानों की ओर भेजा जा रहा है, तो इससे सरकारी योजनाओं की मंशा प्रभावित होना स्वाभाविक है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ऐसे आरोप लंबे समय से सामने आ रहे हैं, तो स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई कर रहे हैं? क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए या फिर यह खेल इसी तरह चलता रहेगा और सरकारी योजनाओं को चढ़ता रहेगा?

✍️नागेंद्र सिंह अध्यक्ष फतेहपुर प्रेस क्लब

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