अनुदेशक शिक्षा,संस्कार का ऐसा करें बीजारोपण कि बच्चे बनें आत्मनिर्भर
-अनुदेशकों के मानदेय बढ़ोत्तरी सम्मान कार्यक्रम में बोली डीएम
-कहा उनकी अब और बढ़ गई जिम्मेदारी
फतेहपुर(वी.टी)। अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय वृद्धि के बाद सम्मान समारोह के आयोजन कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा पासवान एवं जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।मुख्यमंत्री के उद्बोधन का सजीव प्रसारण दिखाया गया।इस अवसर पर बोलते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार सभी वर्गों का ख्याल रखकर काम कर रही है। विकास को लेकर विभिन्न योजनाएं चल रही है तो रोजी-रोटी को ध्यान में रखकर भी काम किया जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने अनुदेशकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मानदेय बढ़ोत्तरी के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे विद्यालय आ रहे हैं उनमें ज्ञान एवं शिक्षा का ऐसा बीजारोपण करें कि वह अपने जीवन में कुछ ना कुछ अवश्य कर जाएं।उन्होंने कहा की अगर नौकरी ना मिले तो कम से कम उन्हें स्वरोजगार के लायक बनाने में अपनी सार्थक भूमिका अदा करें। नशा युवा पीढ़ी एवं समाज दोनों के लिए घातक है।बच्चों को संस्कारवान शिक्षा दें।स्कूलों में हजारों की संख्या में बच्चे हैं उनके जीवन को संवारने की महती जिम्मेदारी भी उनके ऊपर है।जब यही बच्चे बड़े होकर आत्मनिर्भर बनेंगे तभी फतेहपुर विकास की ओर आगे बढ़ सकेगा और भारत के विकसित भारत के संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। बाद में राज्य मंत्री एवं जिलाधिकारी विकास खण्डों से एक-एक अनुदेशक को प्रतीकात्मक ₹17000 की चेक प्रदान की।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना,परियोजना निदेशक डीआरडीए शेषमणि सिंह,बेसिक शिक्षाधिकारी भारती त्रिपाठी सहित खण्ड शिक्षाधिकारी एवं अंशकालिक अनुदेशक व शिक्षक मौजूद रहे।
