फतेहपुर। जनपद के धाता विकासखंड की ग्राम पंचायत अन्दमऊ में सरकारी योजनाओं की खुली लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने वर्तमान ग्राम प्रधान शोभा देवी व पंचायत सचिव पर बिना काम कराए सरकारी धन की निकासी का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विकास कार्य केवल फाइलों और भुगतान रजिस्टरों तक सीमित हैं,जबकि गांव में न तो सड़कें बनीं, न नालियां, न स्कूल के कमरे और न ही पंचायत भवन। इंटरलॉकिंग सड़क, अमृत सरोवर तालाब, मिट्टी भराई, नाला निर्माण, पुलिया, ओडीएफ और हैंडपंप रिबोर जैसे दर्जनों कार्यों में पूरा भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत में एक ईंट तक नहीं लगी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पंचायत भवन निर्माण के नाम पर पूरी धनराशि हड़प ली गई, जबकि पुराना भवन जर्जर हालत में पड़ा है और उसमें भैंसे बांधकर तबेला बना दिया गया है। वहीं प्राथमिक विद्यालय में दो कमरों और बाउंड्रीवाल के निर्माण का भुगतान कर दिया गया, लेकिन स्कूल में आज भी बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि एक ही सड़क के निर्माण का भुगतान चार–चार बार दिखाया गया, फिर भी सड़क का नामोनिशान नहीं है। पंचायत भवन में बिजली, सामग्री और पंचायत सहायक के मानदेय का पैसा भी निकाल लिया गया, जबकि पंचायत भवन स्वयं खंडहर में तब्दील है। ग्रामीणों ने पूरे मामले को सरकारी धन की खुली लूट और सुनियोजित घोटाला बताते हुए मांग की है कि ग्राम पंचायत में कराए गए सभी कार्यों की स्थलीय जांच, सोशल ऑडिट और दोषी ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं वर्तमान समय मे गांव के सचिव अभय प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रमीण कार्ययोजना को लेकर शिकायत कर रहे हैं, जबकि धरातल पर ऐसा कार्य नही हुआ और न ही इसका कोई भुगतान हुआ। अब सवाल यह है कि यदि ग्रामीणों का आरोप सही है तो कागजों में चमकता विकास आखिर गांव तक कब पहुंचेगा?
- Home
- State
- Uttar Pradesh
- अन्दमऊ पंचायत में करोड़ों की बंदरबांट! कागजों में विकास, जमीन पर शून्य
