_शहर के तांबेश्वर परिसर में चल रही राम कथा का पांचवा दिन_
फतेहपुर(वी.टी)। शहर के तामेश्वर में चल रही राम कथा के पंचम दिवस शांतनु जी महाराज ने अयोध्या कांड की पावन मांगलिक प्रारंभिक चौपाइयों के गायन के साथ प्रारंभ किया। 1 माह के बाद जनकपुर से लौटकर श्री धाम अयोध्या और अयोध्या की स्थिति एकदम परिवर्तित हो चुकी है। रिद्धि सिद्धि समृद्धि की बाढ़ आ गई ।1 माह के बाद आज राज्यसभा जा बैठी तो महाराज ने भरी सभा में शीशा देखा। महाराज श्री ने शीशा देखने के तात्पर्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि सही व्यक्ति का गुरु भी है दुश्मन भी है इसलिए शीशा जरूर देखना चाहिए। स्वयं के देखने से गुरु का काम करता है।यदि दूसरा दिखाएं तो दुश्मन का काम करता है। शीशा देखने का अर्थ आत्मा अवलोकन, आत्मचिंतन, आत्म दर्शन,आत्म संवाद से है। जब महाराज को सफेद बाल कान के दिखाई पड़े तो उन्होंने राज्य राम को सौंपने का मन बनाया। मनुष्य को धीरे-धीरे जिम्मेदारियों से हटकर भजन में मन लगाना चाहिए। राज्याभिषेक की तैयारियां हो रही थी और देवता विघ्न की रचना कर रहे थे। सरस्वती जी ने मंथरा की बुद्धि बिगाड़ी और मंथरा ने पूरा सत्यानाश कर दिया। महाराज जी ने मंथरा के बारे में बताते हुए कहा कि मंथरा कुसंग है और साथ ही दहेज का सामान। इन दोनों से बचना ही चाहिए। कुसंग का जल बहुत भयानक होता है। कुसंग को कभी छोटा नहीं समझना चाहिए। वरदान के प्रसंग को सुनाते हुए महाराज श्री ने कहा मां कैकेई ने भगवान के वनवास का वरदान मांगा। इस बात को महाराज दशरथ बर्दाश्त नहीं कर पायें बहुत उलाहना दी विनती भी की लेकिन कैकेई ने एक नहीं सुना। भगवान को वनवास की सूचना प्राप्त हुई और मां कौशल्या से आशीर्वाद लेकर चल दिए। राष्ट्र संघ में कहा इस देश की माताओं की छाती में शक्ति, क्षमता, पराक्रम, सहनशीलता हैं जो इस देश की धर्म संस्कृति परंपराओं को जीवित रखी है। कौशल्या माने एक प्रकार से पारिवारिक एकता का संकेत किया है कि मां के प्रति भगवान राम को भड़काया नहीं अपितु मां का दर्जा दिया है और मां और पिता यदि दोनों की आज्ञा है तो तुझे जाना चाहिए । लक्ष्मण को बहुत समझाने के बाद भी जब नहीं माने तीनों वन के लिए चले दिए। इस मौके पर मुख्य यजमान रुक्मणी गुप्ता,अनूप अग्रवाल,मंजू,हितेंद्र बहादुर सिंह, सुनीता, प्रदीप गर्ग, कांति,राजकुमार सिंह,कृष्णा,संजय श्रीवास्तव,नीलम सिंह, शिव शंकर,रणजीत सिंह,लाल साहब यदुवंशी,राजकुमार मौर्य जीआरपी थाना अध्यक्ष, सुनील, आदित्य सिंह, रमन तिवारी, राजेश, शिव शंकर,योगेश,नरेंद्र,अनुराग मिश्रा,अभिषेक शुक्ला,सत्येंद्र यादव, उज्जैन सिंह,मोहित,अनुराग श्रीवास्तव, राम कथा संयोजक स्वरूप राज सिंह जूली सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
