कवियों ने कविता के माध्यम से दिया समाज को जागरूकता का संदेश

फतेहपुर (वी.टी)। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ।शुभारंभ करते हुए केपी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे पढ़ा कि सरस्वती मां आइए कविजन करें पुकार, वाणी में मां शक्ति दो, दो रचना में धार ।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते पढ़ा कि मोह न कर झूठी काया का ,यह काया है नश्वर, तू अविनाशी ,तू है शाश्वत, अंशी तेरा ईश्वर । डा. सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा कि यह जीवन कितना परिवर्तित, सुस्थिरता का आभास नहीं, है उदय एक के जीवन में ,तो अस्त अन्य का निहित कहीं । लखनऊ से पधारे वरिष्ठ कवि कमलेश कुमार मौर्य ‘ने पढ़ा कि पशुता – नरता से ऊपर उठ ,चेतन को अपना लेना है,संकेत कर रहे शास्त्र हमें ,यह पशुबलि ,नरबलि देना है। प्रदीप कुमार गौड़ ने पढ़ा- है शरीर अनमोल हमारा, हमको ही करनी रक्षा, तंबाकू रोगों का कारक ,अभी छोड़ दें तो अच्छा। डॉ. शिव सागर साहू ने पढ़ा कि पर्यावरण सुधार हित सब जन करें उपाय,हरी -भरी धरती करें, पौधे खूब लगाय। राम अवतार गुप्ता ने पढ़ा- देने की बात मन में हो , तो दान दीजिए,लेने की बात मन में हो, तो ज्ञान लीजिए। सब कुछ पड़ा रह जाएगा संसार में प्यारे ,यदि त्यागना है तो सदा अभियान त्यागिये। आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने उर्दू के महान गजलगो बशीर बद्र साहब के सम्मान में पढ़ा कि एक शायर क्या गया है ,पूरी महफ़िल रो रही है।क्या मुसाफिर था कि करके याद मंजिल रो रही है,बागबां इंसानियत का क्या ग़ज़ब था वो बशीर,उसकी रूह ए रोशनी सातों जहां में हो रही है।

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