सवाल तो पूछेंगे❓
👉फतेहपुर। प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Yogi Adityanath द्वारा ईंधन बचाने और वाहनों का कम उपयोग करने की लगातार अपील की जा रही है। साथ ही खाली वाहनों में अन्य लोगों को साथ बैठाकर “पूलिंग” व्यवस्था अपनाने पर भी जोर दिया गया है। इसके बावजूद खागा कस्बे में आयोजित समाधान दिवस में अधिकारियों की गाड़ियों का लंबा काफिला इन अपीलों की अनदेखी करता नजर आया।
समाधान दिवस में पहुंचे विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सरकारी व निजी गाड़ियों की संख्या चर्चा का विषय बनी रही। एक ही भवन अथवा मुख्यालय से जुड़े कई अधिकारी अलग-अलग वाहनों से कार्यक्रम में पहुंचे। लोगों का कहना है कि यदि अधिकारी चाहें तो एक ही वाहन में कई अधिकारी एक साथ यात्रा कर सकते हैं, जिससे ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब देश और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की जा रही है, तब जिम्मेदार अधिकारी ही उसका पालन करते नहीं दिख रहे हैं। लोगों का यह भी कहना है कि अधिकारियों को आम जनता के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि सरकारी अभियानों का सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंचे।
समाधान दिवस में अधिकारियों के वाहनों का काफिला जिस तरह से पीएम और सीएम की अपील की धज्जियां उड़ाई है उसमें लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी ही अपील को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो आम जनता से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है। सवाल तो ऐसे अधिकारियों से से पूछा जाना ही चाहिए जिन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील को नजर अंदाज किया है।
✍️ नागेंद्र सिंह अध्यक्ष फतेहपुर प्रेस क्लब
