फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के पीरनपुर इलाके में एक खाली मकान को कथित रूप से इबादतगाह (मस्जिद) के रूप में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना किसी सरकारी अनुमति और वक्फ बोर्ड में पंजीकरण के यहां नियमित रूप से सामूहिक नमाज अदा की जा रही थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित मकान पहले आवासीय था, जिसे बाद में नमाज पढ़ने के लिए उपयोग में लाया जाने लगा। मामले की जानकारी मिलने पर कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
हिंदू संगठन से जुड़े धर्मेंद्र जनसेवक ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल के संचालन के लिए प्रशासनिक अनुमति और वैधानिक प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, शिकायतकर्ता अयूब हसन का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्रकरण की जानकारी लेकर तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
