स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी या मिलीभगत? प्रसव सेवाओं में निजी नर्सिंग होम का बढ़ता दखल

सवाल तो पूछेंगे❓

👉प्रसव पर ‘प्राइवेट खेल’! आशा-एएनएम और नर्सिंग होम के गठजोड़ पर गंभीर सवाल!!

“अंजान होना अलग बात है, लेकिन सब कुछ जानते हुए अनजान बनना इंसान की मजबूरी नहीं, उसकी मर्ज़ी होती है।” यह कहावत फतेहपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सटीक बैठती नजर आ रही है। जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक तैनात आशा बहू, एएनएम और निजी नर्सिंग होम संचालकों के कथित गठजोड़ को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी नर्सिंग होम भेजा जा रहा है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई से बचते दिखाई दे रहे हैं।
जिला अधिकारी निधि गुप्ता वत्स भी स्वास्थ्य समिति की बैठकों में सरकारी अस्पतालों में प्रसव बढ़ाने और निजी संस्थानों की ओर मरीजों के रुझान पर चिंता जता चुकी हैं। इसके बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
जनपद में वर्तमान में 232 स्थायी तथा 156 संविदा एएनएम स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। इसके बावजूद अधिकांश प्रसव सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी नर्सिंग होम में होने की चर्चाएं आम हैं। इससे केंद्र और प्रदेश सरकार की सुरक्षित मातृत्व प्रसव योजनाओं की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हाल ही में आसोथर क्षेत्र का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें एक एएनएम पर पैसे लेने के आरोप लगे थे। हालांकि यह मामला जांच का विषय है, लेकिन इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी समय-समय पर निजी नर्सिंग होम में रेफर करने और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इसके अलावा, कई निजी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान जटिलताएं और मौत के बाद हंगामे की घटनाएं भी चर्चा का विषय रही हैं। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब सरकारी अस्पतालों में प्रसव की बेहतर व्यवस्था, प्रशिक्षित स्टाफ और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध है, तब भी गर्भवती महिलाओं को निजी नर्सिंग होम की ओर क्यों मोड़ा जा रहा है? स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर जवाब देना होगा कि आखिर सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ जरूरतमंद महिलाओं तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा है।

✍️ नागेंद्र सिंह अध्यक्ष फतेहपुर प्रेस क्लब

More From Author

धाता ब्लॉक के सधुवापुर में सपा का जनसंपर्क कार्यक्रम, 2027 में अखिलेश सरकार बनाने की अपील

छात्र आंदोलन का असर सर्वोदय इंटर कॉलेज में सुधरने लगीं व्यवस्थाएं, आरओ प्लांट स्थापना शुरू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *