क्या बदलेंगे गौशालाओं के दिन? मंत्री बनने के बाद बेजुबानों को नई उम्मीद!!

सवाल तो पूछेंगे❓
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फतेहपुर। चिलचिलाती धूप हो या बरसात में कीचड़ से भरा माहौल, गौशालाओं में जीवन गुजार रहे हजारों बेजुबान गोवंशों के लिए अब उम्मीद की एक नई किरण दिखाई देने लगी है। खागा विधायक कृष्णा पासवान के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री बनने के बाद जिले के पशु प्रेमियों को भरोसा है कि अब गौशालाओं की तस्वीर बदलेगी और वर्षों से उपेक्षा का शिकार हो रहे गोवंशों को उनका हक मिल सकेगा।
जनपद में चार दर्जन से अधिक छोटी-बड़ी स्थायी और अस्थायी गौशालाएं संचालित हैं, जिनमें हजारों गोवंश आश्रय लिए हुए हैं। कागजों में व्यवस्थाएं भले ही बेहतर दिखाई देती हों, लेकिन हकीकत अक्सर कुछ और ही बयां करती है। कई गौशालाओं में भूख, बदहाली और अव्यवस्था की तस्वीरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। कमजोर शरीर, बाहर झांकती हड्डियां और उठने-बैठने में असमर्थ गोवंश मानो अपनी खामोशी से ही व्यवस्था की पोल खोल देते हैं।
इन बेजुबानों के पास अपनी पीड़ा कहने के लिए शब्द नहीं हैं, लेकिन उनकी बुझी आंखें और जर्जर शरीर बहुत कुछ बयान कर देते हैं। जब भी कोई जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचता है, तब इनकी हालत खुद अपनी कहानी कहती नजर आती है। इसके बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है।
     गौशालाओं की बदहाली को लेकर स्थानीय लोग, समाजसेवी और पत्रकार लगातार आवाज उठाते रहे हैं। सवाल उन लोगों से भी पूछे जाते रहे हैं जिन्हें इन गौशालाओं के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मगर अक्सर जिम्मेदारों की बेफिक्री और लापरवाही चर्चा का विषय बनती रही है।
अब जिले की जनता और पशु प्रेमियों की निगाहें नई जिम्मेदारी संभालने वाली मंत्री कृष्णा पासवान पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनके गृह जनपद की गौशालाओं में सबसे पहले सुधार की बयार पहुंचेगी। इन बेजुबानों को भरपेट चारा मिलेगा, साफ-सुथरा आश्रय मिलेगा और उनके जीवन की कठिनाइयां कम होंगी।
उम्मीद ही वह ताकत है जिसके सहारे दुनिया आगे बढ़ती है। ऐसे में यदि गौशालाओं में रहने वाले ये बेजुबान भी बेहतर कल की आस लगाए हुए हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। अब देखना यह होगा कि नई जिम्मेदारी के साथ शुरू हुई उम्मीदों की यह कहानी हकीकत में कितनी बदलती है।
फिलहाल सवाल उन्हीं लोगों से पूछा जाएगा जिनके हाथों में गौशालाओं के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी है। मंत्री से सवाल तब होंगे जब उम्मीदों के बावजूद हालात नहीं बदलेंगे। अभी तो जिले के लोग और ये बेजुबान गोवंश एक नए सवेरे का इंतजार कर रहे हैं।

✍️ “नागेंद्र सिंह”अध्यक्ष फतेहपुर प्रेस क्लब

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