सवाल तो पूछेंगे❓
” फतेहपुर “। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने जनसुनवाई को लेकर ऐसी नई रणनीति लागू कर दी है कि अब फरियादी तो खुश हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों की सुबह की चाय का स्वाद जरूर फीका पड़ गया है। नई व्यवस्था के तहत सुबह 10 बजे से 12 बजे तक सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय में मौजूद रहना होगा।
पहले फरियादी अक्सर यह सुनकर लौट जाते थे कि “साहब अभी मीटिंग में हैं”, “साहब दौरे पर हैं” या “साहब अभी आए नहीं हैं”। लेकिन अब डीएम की नई तकनीक ने इन बहानों पर लगभग ताला लगा दिया है। शिकायत लेकर आने वाले लोगों को सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित अधिकारी से जोड़ दिया जाएगा और वहीं पर जवाब भी देना पड़ेगा।
फरियादियों का कहना है कि अब उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जबकि कुछ अफसरों को भी तय समय पर कुर्सी संभालनी पड़ रही है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि जनसुनवाई के दो घंटे अब अधिकारियों के लिए किसी “ऑनलाइन हाजिरी परीक्षा” से कम नहीं हैं।
डीएम निधि गुप्ता वत्स का कहना है कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। वहीं आम लोगों का कहना है कि अगर व्यवस्था ऐसे ही चलती रही तो “साहब नहीं मिले” वाली शिकायत भी इतिहास बन सकती है।
जनता बोली — अब शिकायत भी ऑनलाइन और जवाबदेही भी ऑनलाइन, लगता है अफसरों का ‘वर्क फ्रॉम ऑफिस’ सचमुच शुरू हो गया है! सवाल हम नहीं बल्कि जिला अधिकारी श्रीमती वत्स शिकायतकर्ताओं के आधार पर संबंधी अधिकारियों से पूछेंगी और जवाब भी लेंगी।
✍️ नागेंद्र सिंह अध्यक्ष फतेहपुर प्रेस क्लब
