दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या, पति समेत तीन को उम्रकैद

फतेहपुर( वंदना टाईम्स)। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसकी हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट-2 ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम की अदालत ने पति, सास और ससुर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर दहेज उत्पीड़न और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत अलग-अलग सजा और जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन के अनुसार, असोथर थाना क्षेत्र निवासी रामसहाय ने अपनी पुत्री आराध्या देवी की शादी 28 मई 2021 को खागा क्षेत्र के भोगलपुर निवासी निरंजन पाल के साथ की थी। आरोप था कि शादी के बाद ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में 2 लाख रुपये और सोने की चैन की मांग को लेकर आराध्या को प्रताड़ित करने लगे और मायके से रुपये लाने का दबाव बनाते थे। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। एक अप्रैल 2022 को मायके पक्ष के लोग बेटी से मिलने ससुराल पहुंचे तो उसकी मौत की जानकारी मिली। आरोप था कि उसे जहर देकर हत्या की गई और शव ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया। इस मामले में दो अप्रैल 2022 को खागा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। छह गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पति निरंजन पाल, ससुर राम प्रताप और सास सुधारानी को दोषी करार दिया।अदालत ने तीनों को दहेज हत्या की धारा 304-बी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। धारा 498-ए के तहत दो-दो वर्ष की कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत एक-एक वर्ष की सजा और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। फैसले से पीड़ित परिवार ने संतोष जताया।

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