फतेहपुर (वंदना टाईम्स)। जालौन जनपद की कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हत्या में फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी, मुआवजा, प्रोटेक्शन एक्ट सहित विभिन्न मांगों को पूरा किए जाने को लेकर अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रह अलग-अलग तहसीलों में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष बाबू सिंह यादव एवं महामंत्री अनुराग नारायण मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जालौन जनपद में बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हुई हत्या पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की हत्या की खबरें आम हो गई है। सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किया जा रहे हैं प्रत्येक अधिवक्ता अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने हत्या आरोपितों कि जल्द गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी तथा 50 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने सहित प्रोटेक्शन एक्ट आदि को पूरा किए जाने की मांग करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। शासन के द्वारा अधिवक्ताओं के विरुद्ध चल रहे मुकदमों का स्थानांतरण तथा उनका ट्रायल दूसरे जनपद में किए जाने, अधिवक्ताओं की हड़ताल पर रोक लगाए जाने पर विरोध जताया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। खागा संवाददाता के अनुसार जालौन जनपद की कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता गायादीन अहिरवार की अपहरण के बाद निर्मम हत्या की घटना ने प्रदेश के अधिवक्ताओं को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य वारदात के विरोध में मॉडल बार एसोसिएशन ने कड़ा आक्रोश जताते हुए राज्यपाल को संबोधित चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा है। 31 अक्टूबर को कालपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष गायादीन अहिरवार का अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई। अधिवक्ता समाज ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताते हुए हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी, त्वरित न्यायिक सुनवाई और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है।मॉडल बार एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदर्शन कर सैकड़ो वकीलों ने मृतक अधिवक्ता के परिवार को तत्काल एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा परिवार के एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग उठाई है। इसके साथ ही प्रदेशभर में अधिवक्ताओं के ऊपर हो रहे हमलों और हत्याओं की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में तत्काल अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की गई है।इस मौके पर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महामंत्री मलखान सिंह यादव आदि सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद रहे । उधर बिंदकी तहसील परिसर में विभिन्न मांगों को लेकर अधिवक्ता संघ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अमरेश सिंह को सौपा। ज्ञापन में शासन के द्वारा अधिवक्ताओं के विरुद्ध चल रहे मुकदमों का स्थानांतरण तथा उनका ट्रायल दूसरे जनपद में किए जाने,अधिवक्ताओं की हड़ताल पर रोक लगाए जाने पर विरोध जताया गया। ज्ञापन में कहा गया कि जब तक सरकार काला कानून वापस नहीं लेती आंदोलन लगातार चलता रहेगा। इस मौके पर अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव, महामंत्री प्रतिभा पटेल, शरद सिंह, कमलेश गौतम, विप्र नारायण तिवारी, जगदीश चंद्र निषाद, लक्ष्मी सिंह गौतम, विपेन्द्र कुमार, अश्वनी मिश्रा, लक्ष्मी शंकर यादव, रंगपाल वर्मा, रमेश गुप्ता, आनंद शंकर वर्मा, राजेंद्र मिश्रा, महेंद्र यादव, बीरबल यादव, सूर्यपाल यादव, राम प्रसाद यादव, राकेश सोनकर, गंगाराम सोनकर, पंकज गौतम, जयसिंह यादव, ललित पांडे, अरुण द्विवेदी, ओम प्रताप यादव, लक्ष्मी नारायण यादव, प्रणव मिश्रा, नरेंद्र वर्मा, धीरेंद्र वर्मा, दीपक वर्मा, सुरेश सिंह चौहान, शैलेंद्र अग्निहोत्री, ऋषभ सिंह चौहान सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
