एडीजे फास्ट्रेक कोर्ट दो ने फैसला सुना लगाया 12000 का जुर्माना
सास, ससुर, देवर एवं दो नंदो पर कार्रवाई की लगी है रोक
फतेहपुर (वंदना टाईम्स)। अतिरिक्त दहेज में 7 लाख रुपए की मांग पूरी न होने पर तीन माह की नव विवाहिता को मारपीट कर फांसी के फंदे पर लटका मार डालने के आरोपित पति को सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट दो अजय सिंह प्रथम ने दोषी पाते हुए अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुना ₹12000 का जुर्माना किया है। सास गुड़िया, ससुर गंगा चरन, देवर राहुल एवं ननद अंशिका व कोमल को उच्च न्यायालय से राहत मिली हुई है। मामला थाना क्षेत्र के फिरोजपुर मजरे चकशाह का है। यहां की रहने वाली फूल कली ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि पुत्री मधु देवी की शादी मदरियापुर थाना गाजीपुर निवासी रितेश के साथ 9 मई 2022 को की थी और पूर्व में दहेज का सामान दिया गया था। शादी के बाद घर पहुंचने पर कुछ दिनों तक सब ठीक रहा लेकिन बाद में ससुराली जनों द्वारा₹700000 की मांग की जाने लगी। पुत्री के बताने पर ससुराली जनों को समझने का प्रयास किया गया लेकिन वह नहीं माने और लगातार प्रताड़ित करते रहे। आखिर में 28 जुलाई 2022 को पहले पुत्री को जमकर पीटा गया और बाद में आत्महत्या का रूप देने के लिए फांसी पर लटका दिया गया। मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने सास, ससुर, पति, देवर एवं दो नंदो के खिलाफ मामला दर्ज किया था। विवेचक द्वारा पाठ के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रेषित किया गया था शेष अभियुक्त की नामजदगी गलत पाई थी। अभियोजन द्वारा सभी को तलब करने के दिए गए प्रार्थना पत्र पर सभी को हाजिर होने के निर्देश दिए गए थे। इस बीच सास, ससुर, देवर व नंदो को उच्च न्यायालय से स्थगनादेश मिल गया था। अदालत ने सभी की पत्रावली पृथक करते हुए पति को दोष सिद्ध किया और सजा के बिंदु पर अभियोजक से बहस को कहा गया था। अभियोजक अजय कुमार सिंह एवं रणधीर सिंह ने मामले में बहस की जिस पर अदालत में पति को दोषी करार देते हुए धारा 304 आईपीसी में आजीवन कारावास, धारा 498 आईपीसी में 2 वर्ष का कारावास 10000 अर्थ दंड तथा धारा 4 डीपी एक्ट में 1 वर्ष का करवा ₹2000 अर्थ दंड से दंडित किया है।
