आंगनबाड़ी कार्यकत्री से मैं कृष्णा पासवान की शपथ लेने में लग गए 36 साल
-जिले की पहले मंत्री बनी बनने पर महिलाओं में हर्ष
-दो बार जिला पंचायत सदस्य,चार बार विधायक तो जिला व प्रदेश संगठन में भी रहीं अहम पदों पर
फतेहपुर(वी.टी)। कभी हंसवा विकास खंड के कुसुंभी मजरे गोपालपुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्री रहीं कृष्णा पासवान ने शायद ही कभी सोचा होगा कि उनका यह सफर बहुत लंबा चलने वाला नहीं है। वर्ष 1995 में जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।चार बार की विधायक अब उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री की शपथ लेकर महिलाओं को हौसला दे जिले के मान को बढ़ाया है।जनपद से उत्तर प्रदेश सरकार में पहली महिला मंत्री बनने वाली विधायक बन गई हैं।
राज्य मंत्री बनाई गईं श्रीमती कृष्णा पासवान आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पद से इस्तीफा देकर पहली बार 1995 में जनता का खेसहन वार्ड से चुनाव लड़कर जिला पंचायत सदस्य बनीं।इसी साल उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली और यहां लाने में घनघौल निवासी सुरेश शुक्ल का बड़ा योगदान रहा जिन्हें वह अपना गुरु भी मानती आ रही हैं।वर्ष 1997 में हंसवा मंडल की अध्यक्ष बनाई गईं और वर्ष 2000 में जिला पंचायत की सुरक्षित हुई गाज़ीपुर सीट से पुनः कप प्लेट चुनाव चिन्ह से जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं।उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा लेकिन सफलता हांथ नहीं लगी।समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी रानी देवी पासवान से वह चुनाव हारीं।
भारतीय जनता पार्टी ने किशनपुर सुरक्षित सीट से 2002 में उन्हें विधानसभा का टिकट दिया और उन्होंने शानदार सफलता हासिल की लेकिन 2007 का विधानसभा चुनाव वह हार गईं।वर्ष 2008 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी का जिला अध्यक्ष बनाया गया।वर्ष 2012 में विधानसभाओं के हुए परिसीमन में खागा विधानसभा को सुरक्षित सीट घोषित किया गया और यहां से वह भाजपा की प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतीं।इसी साल बुंदेलखंड की क्षेत्रीय अध्यक्ष रहीं।2015 में उनकी सक्रियता एवं वरिष्ठता को देखते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।2017 का विधानसभा चुनाव मोदी की आंधी में जो बहा तो इनकी भी चुनावी नैया पार लगी।
एक बार पुनः 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें सफलता हासिल हुई।विधानसभा में विधानमंडल दल की मुख्य सचेतक के रूप में 2022 में चुनी गईं जबकि 2025 में महिला एवं विकास उत्थान समिति की सभापति के रूप में उनका चयन हुआ।अब विधानसभा चुनाव की करीब-करीब उल्टी गिनती शुरू हो गई है।क्षेत्रीय एवं जातीय समीकरणों की गणित को फिट करने के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री के पद पर आज लखनऊ के जन भवन में महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शपथ दिलाई है।उत्तर प्रदेश सरकार में महिला के रूप में जिले से मंत्री की शपथ लेने वाली वह पहली विधायक बन गई हैं। उनके राज्य मंत्री बनाए जाने को लेकर राजनीतिक पंडित अलग-अलग तरीके से चुनावी गणित लगा रहे हैं।
