समूह की महिलाओं के हुनर एवं उत्पादों को डीएम दिलाएंगी ऑनलाइन मार्केट
लोगों से समूह की दीदियों के उत्पादों को खरीदने का आवाहन
फतेहपुर (वंदना टाईम्स)। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले का शुभारंभ राज्य मंत्री कृष्णा पासवान,विधायक राजेंद्र सिंह पटेल,जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स,मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने फीता की गांठ खोल दीप प्रज्ज्वलित करके किया।स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित स्थानीय उत्पादों के लगे स्टालों का अवलोकन कर उनका हौसला बढ़ाया। कलेक्ट्रेट स्थित गांधी मैदान में सरस मेले के शुभारंभ के मौके पर राज्य मंत्री ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए उनके उत्पादों की खरीदारी कर उन्हें आर्थिक संबल देने में सहयोग देने की बात कही।दीदियों द्वारा बनाए श्रीअन्न उत्पादन को चख कर देखा।लोगों से अपील किया कि समूह द्वारा बनाए गए उत्पादों में शुद्धता की गारंटी है।सभी लोग उत्पादों को खरीद कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में भागीदार बनें।उन्होंने कहा कि दीदियों द्वारा तैयार की जा रही सामग्री मिट्टी के दीपक,गाय के गोबर से बने दीपक,पूजा की सामग्री,सजावटी सामान,मोमबत्तियां एवं अन्य घरेलू उपयोग हेतु तैयार की गई सामग्रियां उनकी प्रतिभा एवं हुनर का प्रदर्शन कर रही हैं।दीदियां निरंतर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के निरंतर प्रयास कर रही है और विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से गांव की महिलाओं को रोजगार से जोड़ कर अपने पैरों में खड़ी होकर आत्मनिर्भर बन रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहयोग दे रहे हैं। विधायक जहानाबाद ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार की मंशा के अनुरूप इस सरस मेले में स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित उत्पादों को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।हम सबको भी उनके निर्मित उत्पादों को खरीद कर उनके आर्थिक संबल देने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।जिलाधिकारी ने कहा कि यह सरस मेला,मेला नहीं बल्कि उत्सव है जिसमें महिलाओं के हुनर,परिश्रम,प्रदर्शन व उद्यमशीलता का अनूठा संगम है। मेले में प्रदर्शित प्रत्येक उत्पाद इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को उचित अवसर व प्रोत्साहन मिले तो वह अपनी प्रतिभा को मेहनत के दम पर किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं। जिलाधिकारी श्रीमती वत्स ने कहा कि आज महिलाएं केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत नहीं बल्कि अपने समाज,गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बेहतर प्लेटफार्म मिले इसके लिए ऑनलाइन मार्केट से भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है जिससे उनके उत्पादों से नियमित आय में वृद्धि हो सके।जिले में स्वयं सहायता की महिलाओं के निर्मित उत्पादों को परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन में प्रयोग की जाने वाली सामग्री भेजी जाती है और सरकारी शौचालयों में दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा की और अन्य नवाचार भी जनपद में किये जा रहे हैं जिससे दीदियों के उत्पादों को नई पहचान मिले।जिला प्रशासन स्वयं सहायता समूह की प्रत्येक महिला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है।इस दौरान परियोजना निदेशक डीआरडीए शेषमणि सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
