-फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र के पीरनपुर इलाके में एक खाली मकान को कथित रूप से इबादतगाह (मस्जिद) के रूप में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। खबर चलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और देर रात मस्जिद के ऊपर लगे लाउडस्पीकरों को हटवा दिया, और घर पर ताला लगा दिया गया, मस्जिद के गेट पर एक नोटिस भी चस्पा कर दी गई जिसमें आज के बाद नमाज ना होने की बात लिखी है, मस्जिद के आसपास इलाके के रहने वालों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया है, वहीं मस्जिद का संचालक मुख्तार फरार चल रहा है, वहीं मामले में विविप ने अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग की ओर इशारा किया है, विहिप के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडे ने बताया कि मुख्तार का बड़ा भाई इरशाद हुसैन (मुख्तार का भाई है) जामिया हॉस्पिटल में डॉक्टर है, जो मस्जिद के लिए बाहर फंडिंग करता है, वहीं मुख्तार के खिलाफ मुकदमों की एक लंबी-चौड़ी फेहरिस्त है, कोतवाली समेत कई जगहों पर मुकदमे दर्ज है, लेकिन इतने मुकदमे दर्ज होने के बावजूद इसके खिलाफ हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर की कार्रवाई आज तक नहीं हुई है, जो पुलिस की लचर कार्यशैली की ओर इशारा कर रही है
आरोप है कि बिना किसी सरकारी अनुमति और वक्फ बोर्ड में पंजीकरण के यहां नियमित रूप से सामूहिक नमाज अदा की जा रही थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित मकान पहले आवासीय था, जिसे बाद में नमाज पढ़ने के लिए उपयोग में लाया जाने लगा। मामले की जानकारी मिलने पर कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
