👉सत्ता संरक्षित अपराधों के आगे बेबस अफसरों ने घुटने टेके!
👉सरांय मीना शाह में तालाबी नंबर की 38 बीघा जमीन पर भी नेता जी ने कर डाली प्लाटिंग!
👉खागा में लोक निर्माण विभाग,वन विभाग व स्कूल की जमीन भी नहीं बचा पाए अफसर!
👉सत्ता के दबाव में मुआयना के बहाने गायब किए जा रहे सरकारी दस्तावेज!
👉जिले के कद्दावर भाजपा नेता ने सरकार की साख पर बट्टा लगाने वाले खादीधारी के खिलाफ खोला मोर्चा!
👉एक और ₹400 करोड़ की जमीन सहित सारे मामले जल्द पहुंचेंगे सीएम तक!
👉सत्ता के इर्द-गिर्द रहने वाले नेता के साथ भगवा ओढ़े कई और नेता व प्रॉपर्टी डीलर कर रहे बड़े-बड़े खेल!
👉सुशासन व भ्रष्टाचार रहित प्रशासन के 09 वर्ष का जश्न मना रही सरकार तो जिले में सत्ताधारी ही खिला रहे गुल!
✍🏿*बड़ी अजब-गजब की है भारतीय जनता पार्टी की सरकार।* सुशासन,भ्रष्टाचार रहित प्रशासन एवं गुंडा माफियाओं पर लगाम लगाने का दावा करने वाली भाजपा के नेताओं में ही जब ये गुण आ जाएं तो सरकारी दावे खोखले व बेईमानी नजर आते हैं। *फतेहपुर जिले में हालात यह हो गए हैं कि भू-माफियाओं ने ऐसी भगवा चादर ओढ़ी की उनका हर ऐब भी मंदिर सा पवित्र नजर आ रहा है।* सरकारी दफ्तरों एवं थानों में मची लूट के साथ सत्ताधारियों ने जमीनों को लेकर अपना ऐसा जाल बिछाया है कि उनकी मनमानी के आगे जिला प्रशासन घुटनों के बल है। *सत्ता के इर्द-गिर्द रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के एक बड़े नेता ने ऐसी हिमाकत कर डाली कि उसने जेल की एक बीघा जमीन व सरकारी रास्ते तक को बेंच डाला।मामला सत्ता का होने के चलते अफसरों की चुप्पी है तो मलाई खाने के चक्कर में राजस्व कर्मी उसी की हां में हां मिला रहे हैं।* नेता जी के यही नहीं एक के बाद एक अनगिनत ऐसे कारनामें हैं जो जिला प्रशासन व सरकार को उनके दावों को चुनौती खुल्लम-खुल्ला दे रहे हैं। *अब उन्हीं की पार्टी के एक बड़े कद्दावर नेता ने मोर्चा खोल दिया है जिससे उनकी ₹100 करोड़ से अधिक की जमीनों में ग्रहण लग गया है।सत्ता संरक्षित माफियागिरी इस कदर बढी हुई है कि भ्रष्टाचार की एक परत खुलती है तो दूसरी पहले से ही उधड़ी नजर आती है।* बावजूद इसके ईमानदारी के दावे कर ‘राम-राज’ वाली सरकार का बखान करने के लिए भाजपा में सत्ता के 09 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है।
*दावे और वादे कुछ भी किये जा रहे हों लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि महंगाई,भ्रष्टाचार से आमजन परेशान है तो बेरोजगारी का आलम यह है युवा ताश के पत्ते फेंटते नजर आते हैं।* सत्ताधारियों की माफियागिरी ऐसी है जहां हांथ डाल दें वही उनका। *सत्ता के इर्द-गिर्द रहने वाले एक भाजपा नेता का जमीन प्रेम ऐसा है कि उनसे कुछ बच ही नहीं पा रहा है।* खागा में लोक निर्माण विभाग की जमीन हो,वन विभाग की या फिर स्कूल की सब पर कब्जा कर या तो उन पर निर्माण करा दिया गया या फिर उनकी प्लाटिंग कर दी गई। *शहर क्षेत्र के बाईपास स्थित सरांय मीना शाह की 38 बीघा तालाबी जमीन पर प्लाटिंग कर करोड़ों रुपए डकारने वाले भाजपा नेता पर प्रशासन के अफसरों तक ने चूं नहीं की।* राजस्व कर्मी अवैध कमाई के लालच में उसके इशारे पर नाचते रहे।₹100 करोड़ की प्रॉपर्टी वाली इस जमीन पर अब ग्रहण लगता नजर आ रहा है *भारतीय जनता पार्टी के ही एक कद्दावर नेता ने मोर्चा खोल दिया है और जमीन प्रेम वाले सत्ताधारी माफिया की बखिया उधेड़िनी शुरू कर दी है।*
एक के बाद एक खुलकर आ रहे मामलों में *सबसे चौंकाने वाला मामला जेल की एक बीघा जमीन व सरकारी रास्ते का आया है जिसे बिक्री कर करीब ₹5 करोड़ रुपए अंदर कर लिए गए।खेल के अंदर और फंद के बाहर रहने वाले सत्ता से ही जुड़े नेताओं एवं प्रॉपर्टी डीलरों के साथ खेल करने वाले नेता को अधिकारियों-कर्मचारियों ने संरक्षण दे रखा है।* सत्ताधारी नेताओं का प्रशासनिक अफसर एवं राजस्व कर्मियों पर दबाव ऐसा है कि मुआयना करने के बहाने सरकारी दस्तावेजों के कागजों को ही गायब कर दिया जा रहा है। *भाजपा नेता की एक और करीब ₹400 करोड़ की संपत्ति वाली जमीन पर भी बट्टा लगना तय हैं।जिस तरह से सत्ता की आड़ में ईमानदारी की भगवा चादर ओढ़े लोगों ने एक के बाद एक खेल कर सरकार के मंसूबों में पानी फेर अपना उल्लू सीधा किया है* उससे सरकारी दावे वाले ईमानदारी एवं भ्रष्टाचार रहित प्रशासन की पोल खुलकर सामने आ रही है। *अब देखना यह है कि आम गरीब के साथ होने वाले न्याय एवं सत्ताधारी की मनमानी एवं न्याय में बराबरी नजर आती है या फिर सह-मात का खेल यूं ही जारी रहेगा।*
