फतेहपुर(वंदना टाईम्स)हाथों में अपने कागजात लिए जिलाधिकारी की चौखट पर पहुंचे किसान ने कहा साहब मैं जिंदा हूं लेकिन तहसील कर्मियों ने मुझे मरा घोषित कर दिया है जिसके चलते उसकी पेंशन और किसान सम्मान निधि बंद हो गई है।उसने मांग करते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई की जाए और जारी किया गया मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त किया जाए।
बिंदकी तहसील के खजुहा विकास खंड के चक कश्मीरी अरईपुर गांव के किसान शिवनंदन की जब पेंशन एवं किसान सम्मान निधि बंद हो गई तो उसने पता करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाना शुरू किया।लंबी कवायद के बाद पता चला कि वह कागजों में मृत घोषित हो गया है।बीते 22 अगस्त को राजस्व कर्मियों द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया और 15 सितंबर को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।लाख प्रयासों के बावजूद जब वह अपने आपको जीवित साबित नहीं कर सका और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट कर थक गया तो जिलाधिकारी की चौखट पर अपनी फरियाद लेकर पहुंचा।प्रमाण के लिए आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मुखिया के सामने रखे और कहा कि उसे मरा घोषित कर दिया गया है।मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया गया।मांग किया कि दोषी लोगों पर कार्रवाई करते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र निरस्त किया जाए जिससे पेंशन एवं किसान सम्मान निधि का लाभ उसे मिल सके।
