तीन साल से कार्रवाई के लिए भटकने का दावा, शिकायतकर्ता ने पेट्रोल डालकर जान देने की कोशिश की
फतेहपुर (वंदना टाइम्स)। विकास भवन स्थित जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्रवाई न होने से नाराज एक शिकायतकर्ता ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोक लिया। शिकायतकर्ता ने ग्राम प्रधान पर कार्रवाई रुकवाने के लिए डीपीआरओ को पांच लाख रुपये रिश्वत देने का आरोप लगाया है। वहीं, डीपीआरओ ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई जिलाधिकारी स्तर से की जानी है।
मामला गाजीपुर ब्लॉक की एक ग्राम पंचायत में दुकानों के निर्माण और उनके आवंटन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अजय प्रताप सिंह उर्फ जब्बार सिंह का आरोप है कि नजूल भूमि पर ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलीभगत कर दुकानें बनवाईं और उन्हें सात से दस लाख रुपये तक में बेच दिया। उनका दावा है कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में दुकानों की नीलामी नहीं होने की बात सामने आई।शिकायतकर्ता के मुताबिक, कई जांचों में ग्राम प्रधान को दोषी पाया गया, इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। अजय प्रताप सिंह का आरोप है कि शिकायत पर करीब तीन साल से जांच के नाम पर उन्हें टहलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ग्राम प्रधान ने डीपीआरओ कार्यालय में पांच लाख रुपये देकर अपने खिलाफ कार्रवाई रुकवा दी। हालांकि, रिश्वत देने से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उधर, डीपीआरओ राम शंकर वर्मा ने बताया कि शिकायत के संबंध में कमेटी से जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने 25 सितंबर को ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था। नोटिस सात अक्टूबर को प्रधान को तामील करा दिया गया था। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जिलाधिकारी स्तर से की जानी है। डीपीआरओ ने अपने ऊपर लगाए गए रिश्वत के आरोपों को खारिज किया। घटना के दौरान शिकायतकर्ता ने कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह तीन साल से न्याय के लिए भटक रहा है। उसने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी जान दे देगा। वहीं, अधिवक्ता त्रितोष गुप्ता सहित अन्य लोगों ने भी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। घटना के बाद विकास भवन परिसर में काफी देर तक हलचल बनी रही।
