समान कार्य-समान वेतन समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिलेभर में प्रदर्शन, 9 को कार्य बहिष्कार और 10 अक्टूबर को सीएमओ कार्यालय पर धरना
फतेहपुर (वंदना टाइम्स)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले एनएचएम संविदा कर्मियों का आंदोलन अब धरने से कार्य बहिष्कार तक पहुंच गया है। समान कार्य-समान वेतन, नियमितीकरण समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को जिले की तीनों तहसीलों के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में संविदा कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन कर शासन के खिलाफ नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिला मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय में जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल की अगुवाई में कर्मचारियों ने धरना देकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। वहीं जिले के सीएचसी, पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एनएचएम कर्मियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से संविदा पर सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल ने बताया कि लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। नौ अक्टूबर को इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। 10 अक्टूबर को जिलेभर के एनएचएम कर्मचारी सीएमओ कार्यालय में एकत्र होकर धरना देंगे। इसके बाद भी यदि शासन स्तर से मांगों के निस्तारण की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालगंज में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अनुकम्पा नियुक्ति समेत छह सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय कार्य बहिष्कार का ऐलान किया। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं को इससे अलग रखा गया। कर्मचारियों ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राघवेन्द्र सिंह को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
संगठन पदाधिकारी डॉ. जयंत ने कहा कि कई संविदा स्वास्थ्य कर्मी 18 वर्षों से अधिक समय से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके नियमितीकरण की दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है। बहुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि नौ अक्टूबर को इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय में धरना दिया जाएगा।
कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि यदि 11 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में लगातार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। एनएचएम कर्मियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन, 10 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकम्पा नियुक्ति समेत छह सूत्रीय मांगें शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन सेवा शर्तों और सुविधाओं के मामले में लगातार उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजीत सिंह, दीपक सचान, राकेश कुमार, प्रशांत, रणजीत, पुनीत कुमार, शिवांगी भानु, शिव प्रताप, विनय पांडेय, वसीम अहमद, प्रियंका पाल, रिंकू द्विवेदी, आशा देवी, रंजना सिंह समेत बड़ी संख्या में एनएचएम संविदा कर्मी मौजूद रहे।
