खखरेरू में घटिया इंटरलॉकिंग और खराब ईंटों पर फटकार, बिजली कनेक्शन भी नहीं मिला
पटल सहायक से स्पष्टीकरण तलब, 15 दिन में दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश
फतेहपुर (वंदना टाइम्स)। कान्हा गौशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने खखरेरू और धाता स्थित कान्हा गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। खखरेरू गौशाला में निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आने पर डीएम ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। खखरेरू स्थित गौशाला में कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य की गुणवत्ता खराब मिली। मौके पर लगी ईंटों की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके अलावा गौशाला में विद्युत कनेक्शन न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। मामले में अधिशाषी अधिकारी एच.पी. सिंह, नगर पंचायत खखरेरू का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित पटल सहायक से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने तथा गौशाला की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने को कहा। डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि खखरेरू गौशाला का 15 दिन के भीतर दोबारा निरीक्षण किया जाए। दोबारा निरीक्षण में व्यवस्थाओं की स्थिति और कमियों में हुए सुधार की रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद जिलाधिकारी ने धाता स्थित कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पशुओं के लिए चारा-पानी की उपलब्धता, शेड, चाहरदीवारी, सीसीटीवी कैमरों समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच और ईयर टैगिंग की स्थिति भी देखी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी, सुरक्षित शेड और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और ईयर टैगिंग की व्यवस्था को भी नियमित रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को निर्धारित समय में दूर कराने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया गया।
