फतेहपुर । कोर्ट के आदेश पर कोतवाली खागा में दर्ज एफ आई आर के मामले में बयान दर्ज कराते समय मुकदमा वादी अचानक गश खाकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। घटना से पुलिस के होश उड़ गए। परिजन उन्हें सीएचसी लेकर पहुंचे डॉक्टरों के मृत घोषित करने पर परिजन शव को लेकर खागा कोतवाली पहुंचे।

पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाकर घंटों हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर सफेदपोश कुछ लोगों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। करीब पांच घंटे बाद रात आठ बजे पुलिस परिजनों को शांत कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी। किशनपुर थाना क्षेत्र के सिलमी गांव निवासी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी (65) ने कोर्ट के आदेश पर 11 जनवरी को कोतवाली खागा में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रकरण में रविवार करीब दोपहर सवा दो बजे विवेचक दो अन्य साथियों के साथ सिलमी पहुंचे और वादी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी को घर के बाहर बुलाया। पुलिस प्राथमिकी के बावत बयान ले रही थी, इसी दौरान वह गश खाकर गिर गए। यह देख पुलिस वहां से लौट आई। परिजन लक्ष्मीकांत को सीएचसी हरदों लेकर आए, यहां उन्हें डाॅक्टर ने मृत बताया। यह सुनकर उनकी पत्नी उमा देवी, बहू शैलजा व अन्य परिजन बिलख पड़े। वह कार में शव लेकर कोतवाली पहुंचे और हंगामा काटने लगे। परिजनों ने पुलिस पर कुछ नेताओं के इशारे पर मुकदमे में सुलह के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। दबाव के चलते लक्ष्मीकांत की मौत होने का आरोप लगाया। एसडीएम अभिनीत कुमार, सीओ दुर्गेश दीप मौके पर पहुंचे। परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान कई बार परिजनों व अफसरों के बीच तीखी बहस हुई। परिजनों ने आरोपियों व पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों के अनुसार लक्ष्मीकांत काफी समय से मुकदमों की पैरवी में लगे थे। जिस कारण उनकी गांव में करीब दो बीघा जमीन थी और वह बिक गई। कुछ बिस्वा जमीन बची है। लक्ष्मीकांत की तीन बेटियां हैं और एक बेटा रजनीकांत त्रिपाठी है। वह करीब दो साल से घर नहीं आया है। अधिकारियों के समझाने पर करीब रात आठ बजे पुलिस शव कब्जे में ले सकी। वहीं एएसपी महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पुलिस दर्ज मुकदमे में वादी के बयान लेने गई थी। बयान लेने के बाद पुलिस वापस आ रही थी। तभी वादी की अज्ञात कारणों से मौत हो गई । शब का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल और वीडियो ग्राफी के साथ कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के आरोपों की जांच राजपत्रित अधिकारी द्वारा कराई जा रही है।
