एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने उठाई नियमितीकरण समेत छह सूत्रीय मांगें

3 अक्टूबर तक सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी


फतेहपुर (वंदना टाईम्स)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से भेजा। संगठन ने लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन समेत छह सूत्रीय मांगों का जल्द निराकरण किए जाने की मांग की।
जिला अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार पटेल एवं जिला महामंत्री शिव प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कार्मिक पिछले 15 से 18 वर्षों से ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालयों तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी एनएचएम कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में इन कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
ज्ञापन में लंबे समय से कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने तथा समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही वर्तमान मानदेय में तत्काल वृद्धि करने और स्वास्थ्य विभाग में जिन पदों पर संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, उन पदों का सृजन करने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने अपने एवं आश्रित परिवार के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराने, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए एवं ग्रेच्युटी का लाभ देने, गैर जनपद स्थानांतरण नीति को पुनः बहाल करने तथा सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग भी की है। इसके अलावा आउटसोर्स कार्मिकों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने और नियमित भर्ती में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग रखी गई।
संगठन ने शासन को मांगों पर 3 अक्टूबर तक सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का समय दिया है। मांगों का समाधान न होने पर कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। इसके तहत 5 से 7 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर विरोध जताया जाएगा। 8 से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार/कार्यविराम किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी गई है।

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