मुराइन टोला के हनुमान मंदिर में आयोजित हुई सरस काव्य गोष्ठी
फतेहपुर(वी.टी)। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए केपी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- मंच विराजो शारदे ,धरूं चरण में शीश। भाषा- अक्षर- ज्ञान, का दो मुझको आशीष। आगे पढ़ा कि एआई से विश्व में बढ़ा देश का नाम, पर कुछ अपने कर रहे अपने को बदनाम। डा.सत्य नारायण मिश्र ने पढ़ा कि धन -घमंड नहिं कीजिए , पानी बुलबुल आहि,पलक झपक बिलगात है ,समय बदलते जाहि। राम अवतार गुप्ता ने पढ़ा कि वही कर्ता, वही धर्ता, वही सब कुछ कराता है,ऐ बंदे,बंद कर चिंता,क्यों अपना दिल जलाता है। प्रदीप कुमार गौड़ ने पढ़ा कि एक बहू बन घर से जाती, एक बहू बन घर आती,बेटी बहू में फर्क नहीं है,दोनों खुशियां फैलातीं। डॉ. शिव सागर साहू ने पढ़ा कि मास फाल्गुन फाग का, कण – कण भरी उमंग,राष्ट्र, एकता दीखती, परंपरा के संग,हिमांशु कुमार जैसल ने पढ़ा कि मैं जब भी स्कूल न जाती,मम्मी मुझको है समझाती, अगर नहीं पढ़ने जाओगी, कैसे आगे बढ़ पाओगी। काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने पढ़ा कि इस छोटे से जीवन में ही, कुछ ऐसा कर जाओ। जिससे याद करे यह दुनिया, अक्षय कीर्ति कमाओ ।।
