पांच लाख रुपये और दुकान मांगने का दावा, खलिहान की जमीन पर कब्जे का भी आरोप शिकायतकर्ता के आपराधिक इतिहास का किया जिक्र
फतेहपुर (वंदना टाईम्स)। विकास भवन में आत्मदाह के प्रयास से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है।गाजीपुर के ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह ने प्रेस नोट जारी कर शिकायतकर्ता जब्बर सिंह उर्फ अजय कुमार सिंह पर जबरन वसूली का दबाव बनाने और पंचायत भवन में बनी दुकानों के आवंटन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। प्रधान का दावा है कि मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें परेशान करने और उनकी सामाजिक छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, दुकानों के आवंटन को लेकर विभागीय स्तर पर जांच किए जाने की बात भी सामने आई है। ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह के अनुसार, करीब एक माह पहले जब्बर सिंह उनके घर पहुंचे थे।आरोप है कि इस दौरान उनसे पांच लाख रुपये और पंचायत भवन में नवनिर्मित दुकान देने की मांग की गई। प्रधान का कहना है कि मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें धमकाया गया और ग्राम पंचायत के कार्यों में हस्तक्षेप किया जाने लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को लेकर विभागीय जांच चल रही थी और इसी बीच दबाव बनाने के उद्देश्य से पूरा घटनाक्रम रचा गया। प्रधान ने जब्बर सिंह पर खलिहान की सुरक्षित भूमि पर मकान बनाकर कब्जा करने तथा आसपास की ग्राम समाज की जमीनों पर भी अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कथित कब्जे का विरोध करने के बाद उनकी छवि धूमिल करने के लिए अफवाहें फैलाई जा रही हैं। प्रेस नोट में ग्राम प्रधान ने शिकायतकर्ता के खिलाफ दर्ज मुकदमों का भी उल्लेख किया है। उनका दावा है कि जब्बर सिंह के खिलाफ गाजीपुर थाने में करीब 11 मुकदमे दर्ज हैं। साथ ही उन्हें गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर बताते हुए एनडीपीएस समेत 13 गंभीर मुकदमे दर्ज होने की बात कही गई है। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने बताया कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जा रही है। विकास भवन में आत्मदाह के प्रयास से जुड़े प्रकरण के बीच ग्राम प्रधान की ओर से लगाए गए आरोपों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। अब दुकानों के आवंटन, जमीन पर कथित कब्जे और दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
