17 साल बाद नफीस हत्याकांड में 12 दोषियों को आजीवन कारावास

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने सुनाया फैसला

-दौरान मुकदमा पांच आरोपितों की हो चुकी है मौत

फतेहपुर(वी.टी)। हथगांव थाना क्षेत्र के पट्टीशाह में युवक की दिनदहाड़े गोलियों से भून हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्य न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो पूजा विश्वकर्मा की अदालत ने 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुना 20-20 हजार रुपए का जुर्माना किया है। घटना वर्ष 2009 को हुई थी जहां शरीफ सेठ भाई नफीस के साथ मोटरसाइकिल से पट्टीशाह जा रहे थे तभी पहले से घात लगाए बैठे मजहर हैदर नकवी उर्फ मज्जू,शहीद राजा, सलमान,सीमाब, मोबीन, गय्यूर, मसरूर, असगर, रुकनुद्दीन, रमेश,अब्दुल हई,वासु अमीन, तेग अली, सगीर, चंद्रभूषण,नसीम हुसैन आदि ने बंदूको व तमंचों से फायर कर दोनों पर हमला बोल दिया जिसमें नसीम की मौके पर मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल शरीफ सेठ को कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दौरान मुकदमा पांच अभियुक्तों की मौत हो चुकी है। वादी की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमुख श्रीवास्तव एवं एम तारिक फरीदी ने अभियुक्तों के खिलाफ साक्ष्य एवं सबूत पेश किये। श्री फरीदी ने बताया कि सभी मुलजिमानों का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है। मंजू मियां के ऊपर हत्या हत्या के प्रयास गुंडा एक्ट गैंगस्टर एक्ट आदि के तमाम मामले विचाराधीन थे। क्षेत्र में अभियुक्तों का खास आतंक था। घटना के समय बीएसपी की सरकार थी और मज्जू मियां प्रभावशाली नेता थे जिससे उन्हें पुलिस का संरक्षण प्राप्त था ठीक 1 वर्ष पूर्व मज्जू मियां के लड़के रियाज अतहर व शमशाद की हत्या हुई थी। जेल में बंद आरोपितों की पैरवी मृतक नफीस करता था बदला लेने के लिए प्लान कर उसकी हत्या की गई। मामले में न्यायालय ने दोषी पाते हुए सलमान, सिकंदर, सीमाब, शहीद राजा, मोबिन, गुरु मसरूर,फरहान उर्फ बासु,मैली असगर, रुकनुद्दीन, रमेश चंद्र, मोहम्मद हई को आजीवन कारावास वह 20-20 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। एक आरोपित नाबालिक होने से मामला जूनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।

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